जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे को प्रतीक के तौर पर काशी की चाबी चाह कर भी नहीं सौंपी जा सकी। लोहे से बनी चाबी जब लाई गई, तब ऐन वक्त पर विदेश मंत्रालय के अफसर हैरान रह गए।
महापौर ने वही चाबी जापानी पीएम को सौंपने की इच्छा जताई लेकिन विदेश मंत्रालय के अफसरों की राय थी कि लोहे की चाबी से इस शाही स्वागत पर पानी फिर जाएगा, ऐसे में चाबी धरी की धरी रह गई।
यह चाबी परंपरा के तौर पर काशी आने वाले राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में उन्हें भेंट की जाती है। इससे पहले यह चाबी प्रतीक के तौर पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ को भेंट की गई थी।