लंबे समय से पदोन्नति के लिए अटके हुए उत्तराखंड के पंद्रह पीसीएस अधिकारियों को आखिरकार आईएएस का दर्जा मिल गया है।
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने इन पंद्रह अधिकारियों की सूची पर मोहर लगाते हुए इन्हें आईएएस का दर्जा दिया है।
मंत्रालय ने वर्ष 2009-11 से पदोन्नति के लिए अटके पीसीएस अधिकारियों को आईएएस का दर्जा दिया है।
इन सभी पीसीएस अधिकारियों को अगले माह तक आईएएस का बैच आवंटित हो जाएगा जिसके अनुसार इन सभी पीसीएस अधिकारियों को अपने राज्य में या केंद्र सरकार में नई नियुक्तियां मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के पीसीएस अधिकारी भूपाल सिंह मनराल और विनय शंकर पांडे के बीच वरिष्ठता का झगड़ा कोर्ट में चल रहा था।
यह मामला इतना पेंचीदा था कि इसको सुलझने में काफी वक्त लग गया। इस झगड़े के चलते केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने इन दोनों अधिकारियों के साथ ही अन्य पीसीएस अधिकारियों को भी आईएएस का दर्जा देने से महरूम कर दिया था।
कोर्ट से स्वीकृति मिलने के बाद कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2009-11 के बीच पदोन्नति के लिए अटके हुए सभी पीसीएस अधिकारियों को आखिरकार आईएएस का दर्जा दे दिया है।
अधिकारियों के नाम
1. विजय कुमार ढौंडियाल
2. हरबंश सिंह
3. चंदर शेखर भट्ट
4. अरविंद सिंह हयांकी
5. उषा शुक्ला
6. इंदु धर
7. विनोद प्रसाद
8. सुशील कुमार
9. हरी चंद सेमवाल
10. अशोक कुमार
11. भूपाल सिंह मनराल
12. विनय शंकर पांडे
13. दीपेंद्र चौधरी
14. सुरेंद्र नारायण पांडे
15. विनोद कुमार सुमन