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'आकाश का एक नहीं तीन मॉडल बनाएं'

Tue, 26 Mar 2013 08:41 PM IST
बृजेश सिंह/नई दिल्ली
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मानव संसाधन मंत्री भले ही आकाश टैबलेट की उपयोगिता को लेकर असमंजस में हों, लेकिन मंत्रालय भविष्य की शिक्षा प्रणाली के लिए इसे अपरिहार्य मानता है।
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मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नेशनल मिशन ऑन एजूकेशन थ्रू इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (एनएमईआईसीटी) की समीक्षा के लिए गठित गोवर्धन मेहता कमेटी ने आकाश जैसे सस्ते गैजेट के बिना योजना की सफलता पर ही संदेह जताया है।

कमेटी की रिपोर्ट पर कैब की बैठक में भी चर्चा होगी। कमेटी ने आकाश टैबलेट के सिर्फ एक नहीं, बल्कि छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तीन मॉडल तैयार कराने का सुझाव दिया है।
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मेहता कमेटी का मानना है कि वर्तमान आकाश टैबलेट स्कूली बच्चों के लिए तो उपयोगी होगा, लेकिन उच्च व तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के लिए इससे बेहतर मॉडल तैयार कराया जाना चाहिए।

आईआईटी मुंबई के प्रो. दीपक फाटक भी मंत्रालय को कई बैठकों में ऐसा सुझाव दे चुके हैं। मेहता कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में आकाश टैबलेट को फ्यूचरिस्टिक डिजाइन वाला बनाने का भी सुझाव दिया है।

ऐसा होने पर छात्र व अन्य उपभोक्ता जरूरत के हिसाब से बाद में उसे अपग्रेड करा सकेंगे। उन्होंने आकाश को सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर के मामले में ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी बनाने का भी सुझाव दिया है, जिससे कि वह हर परिस्थितियों में आसानी से प्रयोग में लाया जा सके। साथ ही इसके निर्माण में सभी व्यवसायिक मानदंडों का भी ध्यान रखा जाए।

आकाश टैबलेट को देश में बड़े पैमाने पर वितरण व बिक्री के क्रम में उसके रख-रखाव तथा अन्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मेहता कमेटी ने काल सेंटर की स्थापना करने के साथ ही सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए पर्याप्त संख्या में बैकअप ऑफिस बनाने का सुझाव दिया है।

दो अप्रैल को केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (कैब) की बैठक में भी आकाश टैबलेट पर चर्चा होगी। बैठक में आकाश के लिए आगे की राह तैयार होगी। कैब से हरी झंडी मिलने के बाद मानव संसाधन मंत्रालय छात्रों को आकाश टैबलेट बांटने की योजना को आगे बढ़ा सकता है।
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यही नहीं, इसी बैठक में तकनीक आधारित शिक्षा की पॉलिसी पर भी चर्चा होगी। इस पॉलिसी के संबंध में गठित राजेंद्र पवार कमेटी की रिपोर्ट भी अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है।
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