यूपी बोर्ड से जुड़े प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में इन दिनों प्रयोगात्मक परीक्षाएं चल रही हैं। स्कूलों में प्रैक्टिकल की पूरी सुविधा होने के बाद भी छात्रों को तय मानक के अनुरूप अभ्यास नहीं कराया गया।
बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट के छात्रों से कम से कम 20 अभ्यास प्रयोग कराना अनिवार्य है। इसके बाद भी स्कूलों में विद्यार्थियों को 10 अभ्यास प्रयोग भी नहीं कराए गए हैं। बोर्ड की ओर से परीक्षक बनाए गए शिक्षकों का कहना है कि मानक पूरा नहीं होने से परीक्षा कराना कठिन हो गया है।
प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर इस प्रकार की शिकायत पूरे प्रदेश से मिल रही है। प्रैक्टिकल न कराने वालों में राजकीय इंटर कॉलेजों के साथ प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल हैं।