भारत के पूर्व नियंत्रक और महालेखक परीक्षक विनोद राय की आने वाली किताब प्रकाशन से पहले विवादों में घिर गई है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार विनोद राय ने दावा किया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्व यूपीए सरकार के कुछ नेताओं ने उन पर कोयला घोटाले और राष्ट्रमंडल खेल घोटाले की रिपोर्ट से कुछ नामों को हटाने के लिए दबाव डाला था।
विनोद राय ने बीबीसी से बातचीत में इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लेकिन इस मामले पर कांग्रेस और अन्य कुछ दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने इन कथित दावों को किताब की बिक्री बढ़ाने की कोशिश बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी ने कहा है कि विनोद राय को उन नेताओं के नाम बताने चाहिए जिन्होंने कथित रूप से उन पर दबाव डाला था।