बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से दलित नेता कांशीराम को भारत रत्न देने को मांग को बुलंद करने के बाद दिल्ली के सत्ता के गलियारों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांशी राम को भारत रत्न देने को लेकर अंतिम फैसला कर सकती है।
सूत्रों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न देने के समय भी केंद्रीय गृह मंत्रालय में कांशीराम को भारत रत्न देने पर बातचीत हुई थी। मगर राजनीतिक कारणों के चलते सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने इस फैसले को रोक दिया था।
सूत्र बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव ही ये राजनीतिक कारण थे। सरकार और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व विधानसभा चुनाव से पहले इस फैसले को लेने के हक में है।