उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अध्यक्ष ने 15 फरवरी को हुई प्रवक्ता (पीजीटी) इतिहास चयन परीक्षा निरस्त कर दी है। पीजीटी इतिहास की परीक्षा में ‘बी’ बुकलेट सीरीज में इतिहास की जगह अर्थशास्त्र के प्रश्न पूछे गए थे।
परीक्षा में दूसरे विषय से प्रश्न पूछे जाने के बाद चयन बोर्ड पर परीक्षा निरस्त करने के लिए लगातार दबाव बन रहा था। परीक्षा निरस्त करने के बाद नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. परशुराम पाल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 15 फरवरी को प्रदेश के 11 मंडलों में पहली पाली में हुई इतिहास की परीक्षा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। परीक्षा में गलत प्रश्न पूछे जाने पर चयन बोर्ड की ओर से पारदर्शिता एवं शुचिता के दावे की पोल खुल गई। इससे पता चलता है कि चयन बोर्ड की ओर से परीक्षा से पहले अलग-अलग सीरीज की बुकलेट की जांच नहीं की गई।
एक ही विषय की चार अलग-अलग बुकलेट में प्रश्न भी बदलकर पूछे गए। इससे परीक्षा लेने वालों की गंभीरता पर संदेह होता है। प्रवक्ता परीक्षा के दूसरे दिन परीक्षा में शामिल होने वाले प्रतियोगियों ने चयन बोर्ड पर जमकर हंगामा किया था। इस गलती के बाद शासन के दबाव में आकर चयन बोर्ड ने परीक्षा निरस्त करने का फैसला किया है।
चयन बोर्ड की ओर से 15 फरवरी को हुई प्रवक्ता इतिहास की परीक्षा निरस्त करने के निर्णय के बाद चयन बोर्ड पर लगभग एक करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस परीक्षा में पूरे प्रदेश में लगभग 46 हजार परीक्षार्थी शामिल हैं। प्रदेश के 11 मंडलों में एक साथ इस परीक्षा को कराने के लिए चयन बोर्ड को अब परीक्षा केन्द्र तय करने में समय लग सकता है। बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाने के बाद अब पीजीटी परीक्षा के लिए केन्द्र मिलना कठिन है।
क्या गड़बड़ी करने वाली एजेंसी पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रवक्ता परीक्षा में इतिहास के प्रश्नपत्र में अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र लगाने वाली एजेंसी पर चयन बोर्ड कोई कार्रवाई करेगी, इस बारे में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। चयन बोर्ड के चेयरमैन परीक्षा के दूसरे दिन तक यही कहते रहे कि इसमें पैकेट तैयार करते समय गलती हुई है। आखिर में गलत पैकेट तैयार करने वाली एजेंसी को चयन बोर्ड ब्लैक लिस्टेड करेगा या नहीं।