केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को अयोग्य कॉलेजों को दिए गए ग्रांट की मंजूरी की जांच करने को कहा है। जबकि ऐसी अनियमितताओं के मामलों में पुलिस की जांच भी चल रही थी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इन गड़बड़ियों के संबंध में यूजीसी के चेयरमैन को जवाब देने को कहा है, जिस ओर संस्था के केंद्रीय व्यय व लेखा के महानिदेशक ने सवाल उठाए थे।
मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को लोकसभा में कहा, "यूजीसी को ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि बहुत से ऐसे कॉलेजों को जो अनुदान के लिए योग्य नहीं थे, उन्हें यूजीसी सचिवालय की ओर से अनुदान के लिए मंजूरी पत्र जारी किए गए थे और यही नहीं इन कॉलेजों को अनुदान भी जारी किए गए।"
स्मृति ईरानी ने कहा कि इन रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्रालय ने यूजीसी को पत्र लिखकर मामले की गंभीर जांच करने को कहा है। साथ ही जिम्मेदारी तय करने और इस तरह की चूक से बचने के लिए प्रभावी आंतरिक नियंत्रण के उपाय भी अपनाने को भी कहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यूजीसी के दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच भी कर रही है।