महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद शुक्रवार को दिनभर अटकलों का बाजार गर्म रहा।
मीडिया में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ आने की संभावना जताए जाने के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
हर ओर नए सियासी समीकरण के नफा-नुकसान का आंकलन होने लगा। इससे परेशान शिवसेना ने आनन-फानन में खबरों का खंडन किया और इस तरह की किसी गठजोड़ से साफ इनकार कर दिया।
उधर, दिनभर की चर्चाओं के दौरान मनसे मौन रही। सूत्रों के अनुसार नए गठबंधन की खबर को मनसे नेताओं ने ही मीडिया में प्लांट कराई थी, जिससे कि उनके नेता उद्धव की पार्टी का दामन न थाम लें।