शिवसेना अध्यक्ष उद्घव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक दूसरे के साथ आ सकते हैं। उद्घव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामाना' में दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि ताली एक हाथ से नहीं बजती। उन्होंने कहा है कि हमें एक साथ लाकर आमने-सामने बिठाओ और फिर पूछो कि हम साथ आएंगे या नहीं।
साक्षात्कार में उद्धव ने कहा है 'ताली एक हाथ से नहीं बजती है, बताओ बजती है क्या? इस सवाल का जवाब मुझसे कैसे मांग सकते हैं। मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं लेकिन उत्तर ही चाहिए तो इसके लिए हमें एक साथ लाकर आमने-सामने बिठाओ। अगल-बगल बिठाओ और फिर पूछो। फिर पूछो कि आप एक साथ आने वाले हैं क्या? ये सवाल दोनों से एक साथ पूछोगे तो अच्छा होगा। इस सवाल का जवाब दोनों पर निर्भर है। एक पर नहीं।'
वहीं, शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि शिवसेना और मनसे को साथ लाने के लिए राज ठाकरे को पहल करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा है कि उद्घव ठाकरे ने दोनों पार्टियों के एक होने पर सकारात्मक संकेत दे दिया है और अब राज ठाकरे को पहल कदमी करनी है।
गौरतलब है कि छह वर्ष पहले बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को शिवसेना का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन कर लिया था। हालांकि राजनीतिक मतभेद के बाद भी दोनों कई मौकों पर एक साथ दिखे। कुछ समय पहले जब उद्धव ठाकरे का ऑपरेशन हुआ था तब राज ठाकरे अपनी कार में उद्धव को लेकर उनके घर मातोश्री गए थे।