यूपी के जलेसर में शनिवार की दोपहर साढ़े 12 बजे टूंडला से एटा आ रही पैसेंजर ट्रेन से मनीगढ़ी स्थित मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्राली टकरा गई। हादसे में ट्रैक्टर सवार राजीव कुमार यादव (20) व राजेश (22) की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए और उसका आगे का हिस्सा ट्रेन के इंजन में फंस गया। इसके बाद भी ट्रेन उसे करीब पांच मीटर तक घसीटती हुई ले गई। इंजन क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन खड़ी हो गई। रेलवे व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। टूंडला से आए इंजीनियरों ने दो घंटे बाद इंजन सही कर ट्रेन को एटा के लिए रवाना किया।
शनिवार की दोपहर पैसेंजर ट्रेन टूंडला से एटा के लिए रवाना हुई। रास्ते में जलेसर स्टेशन से करीब आठ किलोमीटर पहले 12.30 बजे गांव मनीगढ़ी स्थित मानव रहित फाटक पर यह हादसा हुआ। हादसे के वक्त ट्रैक्टर राजीव कुमार यादव पुत्र श्यामवीर निवासी गांव रनोसा चला रहा था।
वह अपने दोस्त राजेश उर्फ महात्मा पुत्र कुंवरपाल पीली मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर घर की ओर आ रहा था। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का शिकार युवक राजीव यादव बीएसी प्रथम वर्ष का छात्र था, राजेश मजदूरी करके परिवार का पेट भर रहा था, दोनों ही आपस में अच्छे दोस्त थे। सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी कल्यान सिंह, एसडीएम रवि प्रकाश श्रीवास्तव, रेलवे पुलिस, जलेसर व सकरौली का फोर्स मौके पर पहुंच गया।
मोबाइल बना हादसे का कारण
ट्रैक्टर चालक राजीव कुमार और राजेश मोबाइल की लीड लगाकर गाने सुनने में मशगूल थे और ट्रेन की ओर उनका ध्यान नहीं था। जब तक राजेश की नजर ट्रेन पर पड़ी और उसने राजीव को बताया तब तक बहुत देर हो गई थी। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रैक के नजदीक आने पर ट्रेन इनको दिखाई दी। इन्होंने ब्रेक लगाने का प्रयास भी किया लेकिन हड़बड़ाहट में पैर ब्रेक के बजाए स्पीड पैडल पर चला गया, स्पीड और बढ़ गई। ट्रैक्टर ट्रैक पर जाकर ट्रेन से टकरा गया।
काटकर निकाले ट्रैक्टर के इंजन में फंसे टुकड़े
गांव मनीगढ़ी स्थित मानव रहित क्रॉसिंग पर पिछले छह माह से रेल की पटरी के नीचे से अंडर पास बनाने का कार्य चल रहा है। जैसे ही घटना हुई उसके तत्काल बाद रेल यातायात चालू कराए जाने के लिए गैस कटर की जरूरत थी जो कार्य स्थल पर ही मिल गया। इसके बाद ट्रेन के इंजन में फंसे ट्रैक्टर के टुकड़ों को गैस कटर की सहायता से निकाला गया।
पहले भी हुए हादसे
जिस जगह आज घटना हुई है उसी जगह 32 साल पहले भी हादसा हुआ था। सपा नेता ताराचंद्र कुशवाह ने बताया कि 17 मई 1982 दिन शनिवार को भी एक ट्रैक्टर पैसेंजर ट्रेन से यहीं टकराया था जिसमें दिगंबर सिंह की मौत हुई थी। एक साल में एटा ब्रांच लाइन पर करीब आधा दर्जन घटनाएं घटित हो चुकी हैं। अवागढ़ के समीप दूध टैंकर के एटा पैसिंजर ट्रेन से टकराने के कारण दो लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी थी। इसी तरह करीब चार माह पूर्व भी गांव मनी गढ़ी स्थित रेलवे क्रासिंग पर करीब आधा दर्जन पशु ट्रेन की चपेट में आ गए थे।
मानव रहित क्रॉसिंग पर होमगार्ड की रहती थी ड्यूटी
दुर्घटनास्थल वाले मानव रहित क्रॉसिंग पर पहले एक होमगार्ड की ड्यूटी रहती थी। अब पिछले एक महीने से वह यहां दिखाई नहीं दे रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री कठेरिया आज पहुंचेंगे गांव रनोसा
ट्रेन हादसे में हुई दो युवकों की मौत के बाद परिवारीजनों को सांत्वना देने केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया रविवार को सुबह 11 बजे गांव रनोसा जाएंगे। इसके बाद दुर्घटना में मरे कांस्टेबिल युदवीर सिंह के गांव अकराबाद भी जाएंगे। यह जानकारी पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह पप्पू भइया ने दी।
पीआरओ, उमरे, इलाहाबाद अमित मालवीय ने कहा कि दुर्घटना में मरने की जानकारी नहीं है। दो युवकों के घायल होने की सूचना है। घटना की जांच के लिए चार सदस्य टीम बनाई गई है। जूनियर स्केल पर एओएम टूंडला, एएमईओएमसी, एएसपी व एईएन जांच करेंगे।