यूपी में फतेहपुर के असोथर मुत्तौर गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खसरे का टीकाकरण होने के 24 घंटे के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक बीमार हैं। बीमार बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर आधा दर्जन से अधिक बच्चों को कानपुर रेफर कर दिया गया। बच्चों की मौत से गुस्साए लोगों ने रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम और सीएमओ को गुस्साई भीड़ का सामना करना पड़ा। पुलिस ने टीकाकरण में लगी एएनएम सहित पूरी टीम पर मुकदमा दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
असोथर मुत्तौर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बुधवार को क्षेत्रीय एएनएम कमलेश सक्सेना टीकाकरण करने पहुंची थी। इस दौरान मुत्तौर के अलावा मूसेपुर व देवगांव के 22 बच्चों का भी टीकाकरण किया। शाम को मुत्तौर निवासी रामू के नौ माह के बेटे आदर्श को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर भागे। जहां कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई।
आदर्श का शव लेकर परिजन गांव लौट रहे थे कि इसी गांव के दिनेश के दस माह के बेटे मुकेश की हालत भी बिगड़ गई। परिजन अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही मुकेश ने दम तोड़ दिया। इसके बाद एक के बाद एक गांव के तमाम बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। यह देख गांव में दहशत फैल गई।
दो बच्चों की मौत और तमाम बच्चों के बीमार होने से गुस्साए लोगों ने बांदा-सागर मार्ग पर जाम लगा दिया। सीएमओ व एसडीएम ग्रामीणों को समझाने-बुझाने पहुंचे तो भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालात देख एसडीएम ने रिपोर्ट दर्ज करा कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। एसडीएम के आदेश पर मृतक मुकेश के दादा ने तहरीर दी कि जहरीला इंजेक्शन लगाने से उनके पोते की मौत हो गई।
इस पर पुलिस ने एएनएम को नामजद करते हुए टीकाकरण टीम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह इंजेक्शन होना पाया गया तो मुख्यमंत्री आकस्मिक योजना से पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद मिलेगी। वहीं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके सिंह ने बताया कि सैंपल की जांच के बाद कारणों का पता लगेगा। टीके को जांच के लिए भेजा जा रहा है।
बीमार बच्चे
नौ माह के आदर्श पुत्र शिव प्रसाद, छह महीने की संध्या पुत्री ननकू, नौ महीने का अमर पुत्र कमलेश को रात में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार सुबह दीपक पुत्र अवधेश कुमार, प्रांशी पुत्री बब्लू, गीता पुत्री कुलदीप, सत्यम पुत्र बलराम, बुशरा पुत्री गुलजार, शिवम पुत्री शिवाकांत, जूली पुत्री जगरूप, रानी पुत्री केशन को सदर अस्पताल और प्रिंशी पुत्री धमेंद्र तिवारी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी तरह मुत्तौर के मजरे रतनतारा के आशू पुत्र अंबर, शिवम पुत्र धमेंद्र, अमित पुत्र रमेश व अश्वनी पुत्र बिंदा प्रसाद को हालत बिगड़ने पर सदर अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर दुर्गेश पुत्र शैलेंद्र, आदित्य पुत्र अरविंद, आकांक्षा पुत्री शिव प्रसाद, माधुरी पुत्री कुलदीप व सत्यम पुत्र बलराम को कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।