एशियन गेम्स में गोल्ड विजेता पूजा ठाकुर पुलिस में नौकरी करना चाहती हैं। वह प्रदेश में ही सेवाएं देना चाहती हैं। साथ ही कहती हैं कि यदि प्रदेश सरकार से अच्छा रैंक नहीं मिला और बाहरी राज्यों की सरकार से बेहतर ऑप्शन मिला तो वह उसे भी स्वीकार कर सकती हैं।
पूजा ठाकुर बिलासपुर के स्योहला गांव की रहने वाली हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में नौकरी करना उनकी पहली प्राथमिकता है। खासकर पुलिस में नौकरी करना पहली प्राथमिकता है।
कबड्डी में गोल्ड विजेता पूजा कहती हैं कि यदि इस बार एशियन गेम्स के लिए उनका चयन नहीं होता तो वह कबड्डी से संन्यास ले लेतीं। अब वह इस बारे में भविष्य में ही कोई निर्णय लेने की बात सोची है।
उधर, प्रदेश सरकार ने भी एशियन गेम्स में पदक जीतने वालों को नौकरी देने की तैयारी शुरू कर दी है। किस खिलाड़ी को किस विभाग या किस रैंक पर नौकरी मिलेगी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।