आखिरकार उत्तर प्रदेश में बेहाल पड़े घर को संभालने की कांग्रेस में शुरुआत हो गई है।
राहुल गांधी के हस्तक्षेप करने के बाद प्रदेश में लड़खड़ाए संगठन को खड़ा करने का काम शुरू हो गया है। सांसदों का मन टटोला जा रहा है। उनसे अपने क्षेत्र में अपनी गतिविधियों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं पार्टी की ओर से प्रदेश में भेजे गए चुनावी पर्यवेक्षकों ने भी अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है।
इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी 25 सितंबर तक बनाने की समय सीमा तय हो गई है, जबकि जिला और ब्लॉक समितियां चार सितंबर तक बन कर तैयार हो जाएंगी।
प्रदेश में राहुल गांधी विशेष दूत की भूमिका में काम कर रहे प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने यूपी में सक्रियता बढ़ा दी है।
उनका कहना है कि प्रदेश में संगठन को खड़ा कर दिया गया है। 25 सितंबर तक ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर कांग्रेस कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा।
वहीं सूत्रों के मुताबिक मिस्त्री ने अब सभी सांसदों से अपने क्षेत्र की महीने भर की उनकी गतिविधियों और कार्यक्रम के बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। साथ ही हर महीने कांग्रेस मुख्यालय में बाकायदा बैठक कर सांसदों से फीडबैक भी लिया जा रहा है।
कुछ दिन पहले कांग्रेस मुख्यालय में सांसदों की बैठक में कई सांसदों से पूछ भी लिया गया कि क्या वह आगामी चुनाव में अपनी सीट बदलना चाहते हैं। बैठक में फिलहाल सांसदों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।