आंध्र प्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना राज्य बनाने के प्रस्ताव के विरोध में सीमांध्र में भड़का लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। बिजली कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से राज्य के कई हिस्सों में बिजली का भारी संकट पैदा हो गया। इसके चलते यातायात तथा स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। करीब 20 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।
हालांकि सोमवार रात 10 बजे से मंगलवार सुबह 5 बजे तक बिजली आपूर्ति हुई। विजयनगरम में शनिवार से जारी कर्फ्यू में सोमवार को एक घंटे की ढील दी गई। चित्तूर जिले में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर जाने वालों श्रद्धालुओं को भी हड़ताल से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं दूसरी ओर वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी का हैदराबाद और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का दिल्ली में अनिश्चितकालीन अनशन जारी है।
50 हजार से अधिक बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने प्रदेश में करीब 4000 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ है। विशाखापट्टनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिले पूरी तरह से अंधेरे में डूबे रहे। तीनों जिले के करीब तीस लाख से अधिक उपभोक्ताओं को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। आंध्र के उत्तर तटीय जिलों में भी लोगों को दिक्कत हुई।
इसके अलावा सिरनाकुलम, ईस्ट गोदावरी, वेस्ट गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, प्रकाशम, नेल्लोर, चित्तूर, कडप्पा और अनंतपुर में ज्यादा असर पड़ा है। वहीं आंध्र सरकार और बिजली कर्मचारियों के संगठन संयुक्त कार्रवाई कमेटी (जेएसी) के बीच गतिरोध बना हुआ है।
मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी और जेएसी के साथ मंगलवार रात को हुई बातचीत विफल हो गई है और बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। इससे प्रदेश में बिजली संकट और अधिक बढ़ सकता है।
रेल और स्वास्थ्य सेवाएं हुई प्रभावित
बिजली आपूर्ति के प्रभावित होने से राज्य से गुजरने वाली तकरीबन 20 ट्रेनों को रद्द किया गया। रेलवे ने विशाखापट्टनम से चलने वाली और यहां से गुजरने वाली गोदावरी एक्सप्रेस-रतनांचल-सीमाद्रि और दक्षिण लिंक गाड़ियों समेत लगभग 20 रेलगाड़ियों को निरस्त कर दिया।
इस बीच सीमांध्र के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर चले गए, इससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं, जो कि बिजली आपूर्ति न होने की वजह से पहले से ही प्रभावित थीं। इसके अलावा राज्य के उद्योगों पर भी आंदोलन और बिजली संकट का असर पड़ने लगा है।
परेशान श्रद्धालु
चित्तूर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर के श्रद्धालुओं को भी आंदोलन के चलते परेशानी उठानी पड़ रही है। इन दिनों वहां पर ब्रह्म महोत्सव चल रहा है जोकि 12 अक्तूबर तक चलेगा। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की हड़ताल से श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई उठानी पड़ रही है।
सीमांध्र से कांग्रेस सांसद पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट
सीमांध्र से कांग्रेस सांसद लगादपति राजागोपाल ने अपना इस्तीफा स्वीकार करने के लिए स्पीकर मीरा कुमार को निर्देश देने के लिए मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राजागोपाल ने दो महीने पहले अलग तेलंगाना के विरोध में अपना त्यागपत्र दे दिया था।