अब छात्र और अभिभावक सरकार की रैंकिंग सूची देखकर पता लगा सकेंगे कि आखिर कौन सा संस्थान बेहतर है और कौन सा नहीं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क पेश कर दिया। शुरुआत में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट क्षेत्र के संस्थानों की रैंकिंग पेश की जाएगी।
यह पूरी योजना पूरी तरह से अगले साल अप्रैल में लागू होगी। मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री ने इसकी वेबसाइट लांच की। अभी तक देश में उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अंतर्गत राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से संस्थानों की ग्रेडिंग दी जाती है। मगर संस्थानों की रैंकिंग के अभाव में छात्र और अभिभावक कई बार कुछ गलत संस्थानों के चंगुल में भी फंस जाते हैं।