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ये हैं गुजरात के पांच सबसे संपन्न पटेल खानदान

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अमरीका और ब्रिटेन में पटेल सबसे अधिक जाना पहचाना नाम है और इन्हें अप्रवासी भारतीयों की संपन्नता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। गुजरात में तो करोड़पति पटेलों की एक लंबी फहरिस्त है।
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समाज विज्ञानियों का अनुमान है कि गुजरात में दस करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाली 6,100 औद्योगिक इकाइयों में 1,700 पटेलों की हैं। इस राज्य में 90 लाख ताक़तवर सदस्यों वाले पाटीदार समूह की 25 फीसदी आबादी खेती से जुड़ी है। लेकिन गुजरात में ज्यादातर पाटीदार कारोबारी हैं।

इनमें से कईयों ने मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के 13 साल के कार्यकाल के दौरान अपनी संपत्ति में 10 गुना तक का इजाफा देखा है। ऐसे समय में जब 22 वर्षीय हार्दिक पटेल पूरे देश में सुर्ख़ियों में हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान में गुजरात के पटेल समुदाय के शीर्ष पांच प्रभावशाली, लोकप्रिय और अमीर लोग कौन हैं?
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पंकज आर पटेल

पंकज पटेल को साल 2015 में भारत का 20वां सबसे धनी व्यक्ति घोषित किया गया था। उनकी कंपनी जाइडस कैडिला भारत की पांचवी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है, जिसका बाजार पूंजीकरण 17,500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

इनकी कुल संपत्ति 4।2 अरब डॉलर है और उनका कारोबार 50 देशों में फैला हुआ है। उन्होंने क़रीब 1500 कर्मचारियों वाली एक स्थानीय कंपनी को वैश्विक फार्मा कंपनी में तब्दील कर दिया, जिसमें आज 11 हजार कर्मचारी काम करते हैं। वह एक प्राइवेट जेट के मालिक हैं और मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के सबसे अहम दानदाता भी हैं।

करसन पटेल

घर-घर में मशहूर नाम निरमा डिटर्जेंट कंपनी के मालिक करसन पटेल 100 धनी भारतीयों की सूची में 86वें पायदान पर आते हैं। कभी लैब असिस्टेंट की नौकरी करने वाले पटेल की आज अपनी कंपनी है, जिसका कारोबार चार हजार करोड़ रुपए है।

इस कंपनी में 15 हजार लोग काम करते हैं। डिटर्जेंट और सीमेंट कारोबार के अलावा वे अहमदाबाद की सबसे बड़ी डीम्ड यूनिवर्सिटी 'निरमा यूनिवर्सिटी' का प्रबंधन भी संभालते हैं। बीजेपी के सक्रिय दानदाता करसन पटेल का अहमदाबाद के एसजी हाईवे पर मौजूद विशाल घर उनकी संपन्नता को बयां करता है।

सावजी ढोलकिया

छह हजार करोड़ रुपए से अधिक के हीरे के निर्यात का कारोबार संभालने वाले सावजी ढोलकिया अपने कर्मचारियों में काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने पिछले साल अपने 1200 से ज्यादा कर्मचारियों को 207 फ़्लैट, 424 कारें और गहने दीपावली के उपहार के तौर पर बांटे थे।

हरिकृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक ढोलकिया यूरोप को निर्यात होने वाले हीरों के सबसे बड़े कारोबारी हैं। ढोलकिया गुजरात के अमरेली इलाके के एक किसान परिवार से आते हैं। गुजरात में हीरे के कारोबार में लगे पांच लाख लोगों में अधिकांश पाटीदार समुदाय से हैं।
इस कारोबार में आई मंदी ने अधिकांश पटेलों को गुजरात में हुए पाटीदार आंदोलन में जोड़ने का रास्ता दिखाया।

विष्णु पटेल

विष्णु पटेल वर्ष 1988 में शुरू हुई पांच हजार करोड़ रुपये की कंपनी सद्भाव इंजीनियरिंग के मालिक हैं। पिछले साल उनकी कंपनी ने बाजार से 400 करोड़ जुटाने के लिए बाजार में आईपीओ की पेशकश की थी।गुजरात में नरेंद्र मोदी के 13 सालों के कार्यकाल में विष्णु पटेल की संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी हो गई।

उन्होंने सरदार सरोवर परियोजना के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हासिल किए। मोदी के सत्ता में आने के बाद विष्णु पटेल ने यूपी, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में बड़ी-बड़ी सड़क निर्माण परियोजनाओं के ठेके हासिल किए हैं।
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फाल्गुन चिमनभाई पटेल

गुजरात के सबसे लोकप्रिय दैनिक समाचार पत्रों में से एक ‘संदेश’ के मालिक फाल्गुन पटेल गुजराती मीडिया के रुपर्ट मर्डक हैं। पटेल की 92 साल पुरानी मीडिया कंपनी हर दिन अखबार की 10 लाख प्रतियां छापता है। उनका मीडिया कारोबार न्यूज चैनल, आउटडोर एडवर्टाइजिंग, रियल एस्टेट और डिजिटल मीडिया तक फैला है।

उनकी कंपनी का बाजार पूंजीकरण 500 करोड़ रुपए का है। इनका रियल एस्टेट कारोबार 3,000 करोड़ रुपए का है। पटेल रॉल्स रॉयस जैसी महंगी गाड़ी में घूमते हैं और प्रभावशाली गुजरातियों में शुमार किए जाते हैं। पटेल बीजेपी और कांग्रेस दोनों के करीबी हैं।
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