सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि बिहार चुनाव में जनता ने ‘हिंदू पाकिस्तान’ के असंवैधानिक एजेंडे को नकार कर देश के अमन पसंद लोगों को दीपावली मनाने का मौका दिया है।
बिहार का जनमत देश का भविष्य बदलने में मददगार होगा। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा को असंवैधानिक बताया। कहा कि राष्ट्र के निर्माण में जिस आरएसएस का कोई योगदान नहीं रहा है, उसी के इशारे पर चलने वाली केंद्र की सरकार हिंदू राष्ट्र के नाम पर ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने का सपना देख रही है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान में सांप्रदायिक कट्टरता हावी है, वैसे ही हिंदू राष्ट्र की सोच के पीछे कट्टर मानसिकता झलकती है। कहा कि यूपी, गुजरात समेत अन्य विधानसभा चुनावों पर भी इस जनमत का प्रभाव पड़ेगा।