बाघ ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ जंगल में मंगलवार शाम एक महिला मजदूर को मार डाला। महिला सीमा से सटे यूपी के गांव की रहने वाली बताई जा रही है।
सूचना पर जंगलात की टीमें मौके पर भेजी गई हैं। कार्बेट पार्क के डायरेक्टर सुरेंद्र मेहरा के अनुसार पुख्ता तौर पर यह नहीं कह सकते कि महिला को आदमखोर बाघिन ने मारा है।
कार्बेट पार्क के कालागढ़ में जंगलात का सूखा स्त्रोत 50 फीटा फायर लाइन जगह है। यहां जंगलात का झाड़ी कटान का काम चल रहा है। इसमें यूपी के सटे गांव से भी लोग मजदूरी के लिए आते हैं।
उत्तराखंड के पास है बाघिन
कार्बेट पार्क के निदेशक के अनुसार उत्तराखंड की सीमा से सटे यूपी के हैड़ी कॉलोनी की रहने वाली महिला हरदंती देवी (40) पर मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे बाघ हमला कर मार डाला।
उन्होंने कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि महिला को आदमखोर बाघिन ने मारा है। उन्होंने बताया कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
वहीं, यूपी और उत्तराखंड की जंगलात की टीमों को यूपी के अमानगढ़ रेंज में रानीनगर इलाके में आदमखोर बाघिन के पद चिह्न मिले हैं।
15 से ज्यादा गांवों में फैला बाघिन का खौफ
जहां महिला को मारा गया है वहां से यह जगह 15 किलोमीटर दूर बताई जा रही है। हालांकि मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह के अनुसार शाम तक आदमखोर बाघिन की कोई कोई लोकेशन नहीं मिली थी।
आदमखोर बाघिन को दबोचने के लिए वन विभाग के एक्सपर्ट बिजनौर में सर्च कर रहे थे जबकि बाघिन कालागढ़ तक पहुंच गई है। कालागढ़ में कार्बेट सीमा के पास एक महिला का नोंचा हुआ शव मिला है।
सात दिन से खाक छान रहे अधिकारी
अफसरों का कहना है कि किसी जंगली जानवर ने इस महिला को मारा है मगर हल्ला आदमखोर बाघिन का ही मच रहा है।
इस घटना के बाद अफजलगढ़ के करीब वाले पंद्रह गांवों में दहशत की डिग्री बढ़ गई है। लोग खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। रातों को जागकर घर की रखवाली कर रहे हैं।
छह लोगों का शिकार करने वाली आदमखोर बाघिन अभी तक पकड़ से दूर है। एक सप्ताह से वन विभाग, शिकारी और ट्रैंकुलाइज टीमें उसका पीछा कर रही हैं।
अफजलगढ़ के इलाके में टीमें लगातार सर्च कर रही हैं। मंगलवार को भी सारा दिन अभियान चलाया गया। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।
दूसरी बार बनी महिला शिकार
कालागढ़ के पास कार्बेट के जंगल क्षेत्र में पैंतालीस साल की एक महिला का शव मिला है। शव किसी जंगली जानवर का खाया हुआ है। हालांकि वन विभाग के अफसर यह नहीं बता रहे हैं कि इस महिला को भी बाघिन ने ही शिकार बनाया है।
उनका कहना है कि किसी जंगली जानवर का हमला रहा होगा। खैर अब वन अफसर भी मानने लगे हैं कि बाघिन ने इलाका बदल दिया है। वन संरक्षक कमलेश कुमार का कहना है अभी टीमें लगातार बिजनौर में ही रहेंगी।
अगर पांच दिन तक कहीं कोई घटना नहीं होती है तो बिजनौर को ‘नो टाइगर जोन’ घोषित कर दिया जाएगा। वहीं ‘आपरेशन शूटआउट’ तो एक तरह से थम ही गया है। जंगल क्षेत्र में अभियान को चलाया नहीं जा सकता है।