भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष के अभियान की काट के लिए कांग्रेस अब पोस्टर अभियान में जुट गई है। साथ ही भ्रष्टाचार की रोकथाम से संबंधित पारित और प्रस्तावित सभी बिलों का श्रेय राहुल के सिर बांधा गया है।
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पोस्टर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार का कोई जिक्र नहीं किया गया है। आगामी लोकसभा चुनाव से काफी पहले ही पार्टी ने अपना चुनाव प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है।
नरेंद्र मोदी जिस तरह से कांग्रेस मुक्त भारत और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा दे रहे हैं, उसके जवाब में कांग्रेस के पोस्टर में राहुल गांधी की फोटो के साथ शीर्षक दिया गया है- राहुल जी का उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त देश।
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राहुल जी के नौ हथियार दूर करेंगे भ्रष्टाचार
पोस्टर में यूपीए कार्यकाल के दौरान काला धन निरोधक, लोकपाल और सूचना अधिकार कानून का जिक्र किया गया है। जबकि इसके बाद उन बिलों का भी श्रेय राहुल गांधी को दिया गया है, जोकि अभी संसद से पास भी नहीं हुए हैं। अभी सिर्फ इन बिलों को पास कराने की बात कही गई है।
दूसरे पोस्टर में कहा गया है कि राहुल जी के नौ हथियार दूर करेंगे भ्रष्टाचार।
नौ हथियारों से पार्टी का मतलब संसद से पारित लोकपाल, आरटीआई और काला धन निरोधक कानून है और अन्य प्रस्तावित बिल भ्रष्टाचार विरोधी बिल, एक्टिविस्ट सुरक्षा बिल, नागरिक समयबद्ध सेवा अधिकार, विदेशी एवं सरकारी अधिकारी रिश्वत रोकथाम, नागरिक मानक एवं दायित्व और सरकार सामग्री शामिल हैं।
'कांग्रेस जो भी कहेगी, करने को तैयार हूं'
वहीं राहुल गांधी के पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी संभालने के संकेतों के बीच उनकी पीएम उम्मीदवारी को आगे बढ़ाने के लिए नेताओं में होड़ शुरू हो गई है।
भले ही कांग्रेस नेताओं को खुद पता नहीं कि आखिर 17 जनवरी को किस तरह से राहुल का प्रमोशन किया जाएगा लेकिन उन्होंने हाईकमान पर भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शायद इसी दबाव का ही असर है कि खुद राहुल भी अब पार्टी में कोई भी जिम्मेदारी संभालने को तैयार हो गए हैं।
एक इंटरव्यू में राहुल ने कहा है कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं। उन्हें जो भी आदेश दिया जाएगा, उसका पालन करेंगे। कांग्रेस जो भी कहेगी, वह करने को तैयार है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी में फैसले वरिष्ठ नेताओं की ओर से लिए जाते हैं।
पीएम उम्मीदवार बनाने के सुर मुखर
राहुल के संकेतों के बाद पार्टी के अंदर अब उन्हें पीएम उम्मीदवार बनाने के सुर मुखर हो गए हैं। छोटे से लेकर बड़े नेता एक सुर में राहुल के प्रमोशन के पक्ष में बोल रहे हैं। ऐसे में 17 जनवरी आते आते इन सुरों का नारों के रूप में गूंजना स्वाभाविक है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष का प्रमोशन किस रूप में होगा, इसका पार्टी नेताओं को पता नहीं है। पार्टी हलकों में उन्हें पीएम उम्मीदवार बनाने की बात चल रही है।
मंगलवार को सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि हमने बार बार और लगातार कहा है कि वह कांग्रेस पार्टी के स्वाभाविक नेता हैं और हम 2014 का चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।
उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि यद्यपि किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा सभी से सलाह मशविरा करने के बाद लिया जाता है।
वहीं पार्टी महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के स्वाभाविक उम्मीदवार हैं। पार्टी उनके नेतृत्व में काम कर रही है और चुनाव भी उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा कि राहुल को पार्टी ने अपना नेता मान लिया है। उनके नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ा जाएगा।