सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय पर अदालत परिसर में स्याही फेंकने की घटना का स्वत: संज्ञान लेकर उस व्यक्ति को नोटिस जारी किया है जिसने राय पर स्याही फेंकी थी। राय को अदालत के निर्देश पर लखनऊ पुलिस मंगलवार को पेश करने के लिए लायी थी। जहां कोर्ट के बाहरी परिसर में यह घटना हुई।
जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मनोज शर्मा को नोटिस जारी करते हुये उससे पूछा है कि उसके खिलाफ क्यों नहीं अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। शर्मा को तीन सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है। पीठ ने कहा कि पुलिस हिरासत में लाए गए सुब्रत राय पर स्याही फेंकने की घटना पहली नजर में न्याय प्रशासन में बाधा डालने का संकेत देती है।
कलमाड़ी पर भी फेंका था जूता
सर्वोच्च अदालत ने शर्मा की मानसिक स्थिति के बारे में अटार्नी जनरल गुलाम वाहनवती से पूछा है। अटार्नी जनरल ने कहा कि उसकी मानसिक स्थिति के बारे में संकेत देने वाला कुछ भी नहीं है। ऐसा लगता है कि यह व्यक्ति प्रचार का भूखा है। उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति ने कांग्रेस सांसद सुरेश कलमाड़ी भी जूता फेंका था। सर्वोच्च मामले में अब 24 मार्च को सुनवाई करेगा।
सर्वोच्च अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी के लिये मंगलवार को लाये गये सुब्रत राय पर ग्वालियर निवासी मनोज शर्मा ने कोर्ट परिसर में काली स्याही फेंकी थी। वहां मौजूद कुछ वकीलों और दूसरे व्यक्तियों ने शर्मा की पिटाई भी की थी। बाद में पुलिस उसे तिलक मार्ग थाने ले गयी थी।
स्याही फेंकने का मिला ईनाम, गए जेल!
सुप्रीम कोर्ट में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय पर स्याही फेंकने वाले वकील मनोज शर्मा को विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी जमानत के लिए कोई जमानती पेश नहीं कर सका।
पुलिस ने बुधवार को मनोज को विशेष कार्यपालक महानगर दंडाधिकारी राय सिंह खत्री के सामने पेश किया। कोर्ट ने मनोज को 11 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। पुलिस ने मनोज के खिलाफ धारा 107/151 लगाई है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि मनोज पर कई अन्य केस भी चल रहे हैं।
मनोज शर्मा ने अप्रैल 2010 में पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी पर आए सांसद सुरेश कलमाड़ी पर चप्पल फेंकी थी। उसे ग्वालियर के एसडीएम की पिटाई करने के आरोप में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए उसने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवाया था।