भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 की कमी की है। ये कमी तुरंत प्रभाव से लागू की गई है। इसी के साथ अब रेपो रेट 8 से घटकर 7.75 फीसदी हो गई है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से रेपो रेट में कटौती करने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि यह आम जनता के लिए अच्छा संकेत है। इससे लोगों के पास पैसा बढ़ेगा, जिससे वे अपने खर्चे भी बढ़ा सकेंगे।
मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा कि यह क्रेडिट सिस्टम को आसान बनाएगा और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की बैलेंस शीट भी पहले से बेहतर होगी।
रिजर्व बैंक की तरफ से की गई इस कटौती के मुख्य कारण इस प्रकार हैं-
महंगाई
जुलाई 2014 से महंगाई में कमी देखने को मिल रही है। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि महंगाई में उम्मीद से अधिक गिरावट का मुख्य कारण सब्जियों और फलों की कीमतों में सितंबर से आ रही लगातार गिरावट आना है।
साथ ही, इंटरनेशनल लेवल पर कमोडिटी की कीमतों में गिरावट ने भी इसमें मदद की है, जिसमें कच्चा तेल सबसे महत्वपूर्ण है। राजन ने कहा कि अभी काफी समय तक कच्चे तेल की कीमतें कम ही रहने वाली हैं।