प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे आम बजट में सामाजिक सरोकारों पर जोर रहेगा। पीएम मोदी ने अपने सभी सांसदों से बजट के लिए अहम सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने सांसदों से कहा है कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के व्यापारियों, उद्योग चलाने वालों और बुद्धिजीवियों के साथ चर्चा कर बजट के लिए सुझाव मांगें।
हालांकि, सांसदों से उन्होंने यह भी कहा है कि वे स्थानीय समस्या के बजाय राष्ट्रीय स्तर के सुझाव एकत्रित करें जिसे बजट में शामिल किया जा सके।
सूत्र बताते हैं कि संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने भाजपा सांसदों से कहा कि हमें वर्तमान तंत्र को बदलना है। हमारे कार्य सबको स्वीकार्य हों ऐसा हमें तंत्र बनाना है। इसलिए उन्होंने सांसदों से आह्वान किया है कि वे निचले स्तर से नये-नये सुझावों को बजट के लिए एकत्रित करें।
इससे आम आदमी के विचारों की भागीदारी देश के आम बजट में सुनिश्चित होगी। उन्होंने सांसदों से कहा है कि वे निचले स्तर से एकत्रित सुझावों को फरवरी माह से पहले सरकार को अवगत करायें। ताकि फरवरी में बजट बनाते समय उन सुझावों को शामिल किया जा सके।