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जिंदगी और उम्मीद, दोनों दफन हो गईं मालिण में

Sun, 03 Aug 2014 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र के पुणे स्थित मालिण गांव में अब किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं है।
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एनडीआरएफ के जवान दिन रात मलबा हटाने और लाशें निकालने में जुटे हैं लेकिन मूसलाधार बारिश के चलते काम में तेजी नहीं आ पा रही है।

पुणे के जिलाधिकारी सौरव राव ने कहा कि रात में तीन बुलडोजर लगाकर मलबा हटाने का काम तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी बचाव कार्य में तीन दिन और लग सकते हैं।
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मरने वालों की संख्या 85 हुई

मालिण गांव में शनिवार शाम तक 85 लाशें निकाली जा चुकी थी जबकि इससे अधिक संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने का अनुमान है।

मालिण गांव में 30 जुलाई को कुदरत का कहर टूटा था, जिसमें पूरा गांव दफन हो गया है। तीन दिन बाद जो लाशें मिल रही हैं वह क्षतविक्षत अवस्था में हैं। इसलिए लाशों की पहचान के बाद उसे जलाने की भी प्रक्रिया शुरू की गई है।

सह्याद्री पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसे इस गांव में एक तरफ लगातार बारिश तो दूसरी संकरी जगह होने के  कारण एनडीआरएफ को काफी कठिनाइयों में काम करना पड़ रहा है। लोगों की जीवित रहने की संभावना क्षीण हो चुकी है इसलिए शनिवार रात से मलबा हटाने का काम तेज कर दिया गया।
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