अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के वाइपर द्वीप पर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले कई अनजाने नायकों और उन पर हुए अत्याचार की कहानियां छुपी हुई हैं। द्वीपसमूह प्रशासन अब उन गाथाओं से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने जा रहा है। इसके लिए परियोजना तैयार की गई है।
सेल्यूलर जेल के निर्माण से पहले ब्रिटिश वाइपर द्वीप को खुली जेल के तौर पर इस्तेमाल करते थे। अंग्रेजों ने 1864-67 में इस जेल तथा फांसी के तख्ते का निर्माण किया था। द्वीप में एक पहाड़ी की चोटी पर वह फांसी का तख्ता अब भी मौजूद है। यहां अपराधियों और स्वतंत्रता सेनानियों को रखा जाता था। इस दौरान यहां कई कैदियों को मौत की सजा दी गई थी।