उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने कहा कि भारतीय रेल में 48 हजार योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनके लिए पांच लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
रेलवे के पास अगले दस साल तक काम है। पिछले दस साल से किराया न बढ़ने के कारण बजट के अभाव में योजनाएं लंबित होती जा रही हैं। जबकि, यात्री सुविधाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। इन परिस्थितियों में जो किराया बढ़ोत्तरी हुई है, वह अभी कम है।
किराया और बढ़ाया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने शुक्रवार को रेलवे वर्कशाप के मुख्य कारखाना प्रबंधक कक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
मंत्रालय से एक जोन को मिलते हैं 60 करोड़
उन्होंने कहा कि झांसी में निर्माणाधीन कोच मरम्मत कारखाने का अस्सी प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। अक्तूबर 2014 से यहां काम शुरू हो जाएगा।
मगर पूर्ण क्षमता के साथ अगले वित्तीय वर्ष में ही काम शुरू हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय हर साल एक जोन को साठ करोड़ रुपया देता है, जिसमें सभी योजनाओं में बजट देना पड़ता है।
निर्माणाधीन कोच मरम्मत कारखाने व वर्कशाप आधुनिकीकरण कार्य को पूरा करने में हो रही देरी का एक कारण बजट भी है। इसी वजह से कोच मरम्मत कारखाने की 100 करोड़ रुपये की योजना 112 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
'ट्रेनें और प्लेटफॉर्म बढ़े हैं'
यात्री सुविधाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में करीब चार सौ ट्रेनों का इजाफा हुआ है। एक ट्रेन में 16 की जगह 24 कोच लगने लगे, प्लेटफार्म बढ़े, आरक्षण की सुविधा मोबाइल तक में मिलने लगी।
यह सब यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी ही है। रेल मंत्रालय द्वारा जीएम व डीआरएम स्तर के अधिकारियों से सैलून की सुविधा छीनने की योजना बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सैलून (निरीक्षण यान) उनकी जरूरत है।
बिना उसके पटरियों, छोटे स्टेशनों, रेलवे पुल, पुलिया आदि का निरीक्षण करना संभव नहीं है। रेलवे भूमि पर बढ़ रहे अवैध कब्जों के मामलों पर उन्होंने कहा कि जल्द ही सिविल पुलिस व प्रशासन की मदद से इनको हटवाया जाएगा।
रेल मंडल को जल्द मिलेगा स्थायी पीआरओ
महाप्रबंधक ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे को जनसंपर्क अधिकारी की एक पोस्ट वापस कर दी है। इस पोस्ट को जल्द ही समायोजित किया कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि झांसी रेल मंडल के तत्कालीन जनसंपर्क अधिकारी ललित कुमार का दिल्ली स्थानांतरण होने पर यहां की पोस्ट भी दिल्ली शिफ्ट कर दी गई थी। तब से रेल मंडल में जनसंपर्क अधिकारी की अस्थायी नियुक्ति है।
रेलवे बोर्ड द्वारा इस पोस्ट के वापस करने पर झांसी रेल मंडल में स्थायी जनसंपर्क अधिकारी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।