सुरक्षा एजेंसियों ने हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुए कश्मीर के 21 लड़कों की काउंसिलिंग कर उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। ज्यादातर दक्षिणी कश्मीर के इन लड़कों के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसी आईबी को फेसबुक के जरिए जानकारी मिली।
गृह मंत्रालय के मुताबिक सीमा पर सख्ती की वजह से घुसपैठ में कमी आने के बाद से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई स्थानीय लड़कों की भर्ती के लिए हिजबुल को मोटी रकम दे रहा है।
खुफिया एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि घाटी के लड़के सीमा पार से आने वाले प्रशिक्षित लड़कों के मुकाबले कम आक्रामक और खतरनाक हैं। घाटी के लड़कों के लिए पैसा सबसे बड़ा आकर्षण है।
इस ऑपरेशन में शामिल अधिकारी के मुताबिक बेरोजगारी और गरीबी से परेशान इन लड़कों को हिजबुल में शामिल होकर इस संगठन की ताकत का अहसास भी होता है। इसके प्रदर्शन के लिए इनमें से कई लड़कों ने अपना स्टेटस फेसबुक पर दे दिया।