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पठानकोट हमले में पांचों आतंकी ढेर

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पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन में सुबह करीब 3 बजे हुए फिदायीन हमले की जवाबी कार्रवाई में 5 आतंकियों को मार गिराया गया है। बीबीसी की ख्ाबर के मुताबिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पठानकोट में हमले के बाद जारी अभियान में अब तक पांच हमलावरों को मार दिया गया है।
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उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मैं हमारे सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा बलों को पठानकोट अभियान में सभी पांचों आतंकवादियों को खत्म करने पर बधाई देता हूं।" उन्होंने इस दौरान जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों के परिवारों के साथ भी संवेदनाएं जताई।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गरुड़ दस्ते के एक कमांडो समेत तीन सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान सीमा के करीब पठानकोट में अब भी अभियान जारी है जहां शनिवार तड़के कुछ बंदूकधारी वायुसेना के परिसर में घुस आए।
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ये ऑपरेशन रातभर चलते रहने की उम्मीद है। सेना ने तीन टैंक, जेनरेटर और रात में फायरिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली नाइट डिवाइस का इंतजाम किया है।

उधर पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक हुई। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

गृह मंत्री ने आतंकी हमले को लेकर अधिकारियों से कई बिंदुओं पर गंभीर चर्चा की। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने माना है कि पठानकोट हमले में पाकिस्तान का हाथ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के पास इसके इनपुट थे इसलिए उसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हो पाया।

हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

अधिकारियों के मुताबिक तड़के सुबह 3 बजे आतंकियों ने पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन पर हमला किया और तकनीकी एरिया में घुसने की कोशिश की लेकिन सेना के जवानों ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया।

वायुसेना के जवानों ने इन आतंकियों को स्टेशन के अंदर ही मौजूद एक बिल्डिंग में घेर लिया गया। इसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। वायुसेना के जवान और एनएसजी कमांडो ने स्टेशन के अंदर मोर्चा संभाला हुआ है।

फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन इस बात की आशंका जताई जा रही है कि हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ हो सकता है।

शुक्रवार को ही अगवा किए गए थे एसपी गुरदासपुर

इससे पहले शुक्रवार को गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह को उनकी गाड़ी समेत अगवा कर लिया गया था। इस मामले में 4 आरोपी बताए जा रहे थे, जो सेना की वर्दी में थे। हालांकि बाद में एसपी को छोड़ दिया गया, लेकिन गाड़ी व एसपी के गनमैन और कुक को आतंकी लेकर चले गए। बाद में आतंकियों ने गनमैन को घायल अवस्था में गाड़ी से फेंक दिया था।

वहीं अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि कर दी है कि ये आतंकी पाकिस्तान के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुए। इस हमले के बाद जम्मू-पठानकोट हाइवे पर गश्त तेज कर दी गई है। हमले के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गाड़ियों की सघन तलाशी ली जा रही है।

बताया जा रहा है कि खुफिया विभाग ने पहले ही हमले को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक दिसंबर महीने में ही ये आतंकी भारतीय सीमा में दाखिल हो गए थे। गौरतलब है कि पठानकोट से पाकिस्तान की सीमा महज 30 किमी ही दूर है। ऐसे में इन आतंकियों को पठानकोट तक पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगा होगा।
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हमले के बाद राजनीतिक हलचल तेज

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एक कायराना हमला है, जिसे हमारे जवानों ने नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम अपने सभी पड़ोसी देशों के दोस्ताना संबंध रखना चाहते हैं लेकिन अगर इस तरह के हमले हुए तो उनका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।'

इस आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक भी की और हमले की गतिविधियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अवगत कराया।

हमले को लेकर दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक भी होने जा रही है। गौरतलब है कि अभी हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की यात्रा की थी जिसके बाद भारत-पाक के बीच संबंध सामान्य होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन इस हमले से तनाव बढ़ने की आशंका है।
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