संसद में बजट सत्र से ठीक पहले गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने 'हिंदू आतंकवाद' के अपने विवादित बयान से किनारा कर लिया है। शिंदे ने कहा है कि आतंकवाद का संबंध किसी धर्म या रंग से नहीं है।
बुधवार को एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस पार्टी के इस रुख का पूरी तरह समर्थन करता हूं कि आतंकवाद का ताल्लुक किसी धर्म या रंग से नहीं है।'
गृहमंत्री शिंदे ने कहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर उनका वही रुख है, जो पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने 22 जनवरी को दिए बयान में कहा था। गौरतलब है कि जयपुर में आयोजित कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर में शिंदे ने कहा था कि भाजपा और आरएसएस के कैंपों में 'हिंदू आतंकवाद' की ट्रेनिंग दी जाती है।
इसके बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि आतंकवाद को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर पार्टी की राय साफ है। कांग्रेस आतंकवाद को किसी धर्म या रंग से नहीं जोड़ती।
नायडू ने साधा शिंदे पर निशाना
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने बुधवार को कहा कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे अगर 'हिंदू आतंकवाद' के बयान पर बिना शर्त माफी नहीं मांगते हैं तो लोकसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान यूपीए सरकार को मुश्किलों को सामना करना पडे़गा।
नायडू कहा कि अपने बयान में शिंदे ने जिस पार्टी पर उंगली उठाई है, वह देश की दूसरी सबसे बडी और केंद्र में दोनों ही सदनों की प्रमुख विपक्षी पार्टी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को शिंदे को अपना बयान वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते तो उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए।