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शनि मंदिर में बढ़ा तनाव, पूजा पर अड़ी महिला बिग्रेड

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महाराष्ट्र के शनि सिंगनापुर मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर प्रतिबंध के बाद बवाल बढ़ता जा रहा है। मंदिर प्रबंधन जहां अपने फैसले पर अड़ा है वहीं महिलाओं के संगठन भूमाता बिग्रेड ने मंदिर में पूजा करने की घोषणा कर दी है।
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संगठन के झंडे तले 400 के करीब महिलाएं मंदिर के बाहर एकजुट होने लगी हैं। बिग्रेड ने इसी मंगलवार को अपने अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित करने के संयुक्त चैरिटी आयुक्त के आदेश पर पुलिस भी असमंजस में है। वहीं भूमाता बिग्रेड के समर्थन में सैकड़ों महिलाएं कोल्हापुर से जुलूस की शक्ल में शनि सिंगनापुर पहुंच चुकी हैं।

अखबार पुणे मिरर के अनुसार, भूमाता बिग्रेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने कहा, अभियान की शुरूआत के समय ही हमें इसके प्रतिरोध की उम्मीद थी, क्योंकि हम सही थे। हालांकि यह कोई मुद्दा नहीं है कि कितना प्रतिरोध होगा, हम शनि मंदिर जाएंगे और वहां पूजा करेंगे।
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इस समय हमें अपने खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी उम्मीद है, लेकिन हम पूरी योजना के साथ इससे निपटने की तैयारी कर चुके हैं। वहीं अहमदनगर के जिलाधिकारी अनिल कवाडे ने 4 फरवरी तक जिले में किसी भी तरह से लोगों के एकजुट होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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अन्य संगठनों ने भी किया समर्थन का ऐलान

वहीं भूमाता बिग्रेड के सदस्यों ने अभियान को समर्थन देने के लिए प्रदेशभर से शनि सिंगनापुर में जुटना शुरू कर दिया है। संगठन ने 26 जनवरी को शनि सिंगनापुर में पूजा करने की घोषणा कर रखी है।

वहीं कोल्हापुर आधारित छत्रपति संगठन की डेढ़ सौ के करीब महिला सदस्यों ने भी अभियान को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। संगठन के संस्‍थापक प्रमोद पाटिल ने बताया कि हम लोगों की धार्मिक भावनाओं से नहीं खेलना चाहते लेकिन हम लैंगिक समानता के लिए भूमाता बिग्रेड के अभियान को समर्थन देंगे। हम एकजुट होकर उनके समर्थन में जुटेंगे।

बता दें कि शनि सिंगनापुर मंदिर प्रबंधन ने कुछ दिन पहले मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। जिसका जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। महिला संगठन भूमाता बिग्रेड ने तो मंदिर प्रबंधन के आदेश को चुनौती देते हुए 26 जनवरी को मंदिर में पूजा करने का ऐलान कर रखा है।

कई महिला संगठन इसका समर्थन भी कर रहे हैं। दूसरी ओर राजनीतिक दल शिवसेना ने भी मंदिर प्रबंधन के आदेश का समर्थन किया है। पार्टी ने घोषणा कर दी है कि उसके सदस्य गांव वालों को भी इसके लिए तैयार करेंगे के 26 जनवरी को कोई भी महिला मंदिर के अंदर प्रवेश न कर सके।
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