गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आरएसएस और भाजपा के खिलाफ दिए बयानों के बाद अब केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने आरएसएस के लोगों पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ सालों में हुई कुछ आतंकी कार्रवाइयों में आरएसएस से जुडे़ लोगों के शामिल होने के खुफिया एजेंसियों के पास सबूत हैं।
संवाददाताओं से बातचीत में गृह सचिव ने कहा कि खुफिया एजेंसियों के पास समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और दरगाह शरीफ में हुए विस्फोटों में कम से कम 10 ऐसे लोगों के शामिल होने के सबूत हैं, जिनका संबंध आरएसएस से है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह जयपुर में आयोजित कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आरएसएस और भाजपा पर देश में भगवा आतंक फैलाने के लिए टेरर कैंप चलाने का आरोप लगाया था।
इस बयान पर जबरदस्त विवाद छिड़ा हुआ है। भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए शिंदे से माफी मांगने और कांग्रेस से उन्हें गृहमंत्री पद से हटाने की मांग की है।
वहीं, संघ ने गृह सचिव के बयान पर सख्त नाराजगी जताई है। संघ प्रवक्ता राम माधव ने कहा है कि गृह सचिव के बयान पर संघ को सख्त ऐतराज है। आरके सिंह ने अपने राजनीतिक आका को बचाने में 'अनुचित तेजी' दिखाई है। यह किसी भी ब्यूरोक्रेट के लिए उपयुक्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि सिंह जिन्हें आतंकी बता रहे हैं, उनके मामलों की जांच अब भी चल रही है। राम माधव ने कहा कि इन व्यक्तियों का नाम आरएसएस से जोड़ना भी बहुत बड़ा झूठ है।
गृहमंत्री ने आज जिन संदिग्ध आतंकियों के तार संघ से जोड़े हैं, उनकी सूची नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी ने कुछ दिनों पहले ही जारी किया था। ये आरोपी देश के कई हिस्सों में आतंकवाद फैलाने को लेकर शक के दायरे में हैं।
लिस्ट में शामिल 10 नाम हैं-
सुनील जोशी: आरएसएस के कार्यकर्ता। 90 के दशक से लेकर 2003 तक मध्य प्रदेश के महु और देवास में सक्रिय। समझौता एक्सप्रेस कांड और अजमेर शरीफ की दरगाह पर हुए धमाकों के आरोपियों की फेहरिस्त में नाम शामिल।
संदीप डांगेः आरएसएस के प्रचारक हैं और 90 के दशक से 2006 तक महु, इंदौर, उत्तरकाशी और साझापुर में सक्रिय रहे हैं। इनपर समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों की साजिश में शामिल होने का आरोप है। फिलहाल फरार।
लोकेश शर्माः आरएसएस के नगर कार्यवाहक। देवगढ़ में घर। समझौता एक्सप्रेस कांड और मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया।
स्वामी असीमानंदः 90 के दशक से 2007 तक गुजरात के डांग स्थित आरएसएस की शाखा वनवासी कल्याण परिषद से जुड़ाव। समझौता एक्स्प्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजेंद्र (उर्फ समुंदर): आरएसएस के वर्ग विस्तारक रहे। समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
मुकेश वासानी: गोधरा में आरएसएस के कार्यकर्ता रहे। अजमेर ब्लास्ट में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
देवेंद्र गुप्ताः महु और इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। अजमेर ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
चंद्रशेखर लेवेः 2007 में शाहजहांपुर में आरएसएस के प्रचारक रहे। मक्का मस्जिद ब्लास्ट में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है।
कमल चौहानः संघ के प्रचारक। समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
रामजी कालसंगराः संघ के सहयोगी। समझौता एक्सप्रेस कांड और मक्का मस्जिद ब्लास्ट में शामिल होने का आरोप है। फिलहाल फरार।