राष्ट्रीय राजधानी में असुरक्षा की बढ़ती भावना और युवती से दरिंदगी के बाद विरोध में उठे जन आक्रोश के खिलाफ सख्ती बरतने के चलते सवालों के घेरे में आई दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय की सीधी नजर में आ गई है।
गृह मंत्रालय खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस के कामकाज की लगातार समीक्षा करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 13 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। गृहसचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स हर पखवाड़े स्थिति की समीक्षा करेगा। इसके अलावा यह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मसलों पर दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर भी निगरानी रखेगा।
बलात्कार के खिलाफ कठोर कानून के फैसले की प्रक्रिया में राज्यों और सभी राजनीतिक दलों को शामिल करने के साथ केंद्र के इस कदम को अहम माना जा रहा है। इस टास्क फोर्स में गृहसचिव के अलावा दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक व कानून व्यवस्था के विशेष कमिश्नर को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस के उठाए कदमों पर नजर रखने की इस कवायद में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष, एनडीएमसी अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और दिल्ली के तीनों क्षेत्रों के म्यूनिसिपल कमिश्नर को भी शामिल किया गया है। इस टास्क फोर्स को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वह संसद में महिला सुरक्षा पर बहस के दौरान सांसदों के सुझाए उपायों पर भी गौर करे।
सरकार ने कहा है कि जस्टिस वर्मा कमेटी अगर दुष्कर्म कानून में फेरबदल की सिफारिश करती है तो संसद का विशेष सत्र बुलाने पर गौर किया जा सकता है। अगर विशेष सत्र नहीं भी बुलाया गया तो फरवरी के आखिर में होने वाले बजट सत्र में इस मुद्दे पर बहस होने की पूरी संभावना है।