माता वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। हर साल भक्तों का आंकड़ा एक रिकॉर्ड बना रहा है। वर्ष 2012 में भी माता के 1,05,57,925 श्रद्धालुओं ने भवन में प्राकृतिक पिंडियों का दर्शन कर नया रिकॉर्ड कायम किया।
यह अब तक किसी भी वर्ष आने वालों श्रद्धालुओं की सबसे अधिक संख्या है। वर्ष 2011 के मुकाबले साल 2012 में साढ़े चार लाख भक्तों की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई है।
यहां पंजीकरण कक्ष के अनुसार, वर्ष 2012 में पैदल, हेलीकॉप्टर से और ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले यात्रियों की कुल संख्या 1,05,57,925 रही। हालांकि माता के भक्तों की संख्या में और इजाफा होता, लेकिन साल के आखिरी दिनों में मौसम के साथ ही दिल्ली में युवती के साथ गैंगरेप के मुद्दे का प्रभाव यात्रा पर पड़ा।
एक दिन में सबसे अधिक दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या का रिकार्ड इस बार भी 31 दिसंबर को रहा। इस दिन 50 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने भवन में माथा टेका।
पिछले पांच वर्षों से लगातार यात्रियों की संख्या एक नया रिकार्ड कायम करती आ रही है। वर्ष 2011 में 1,01,15647, वर्ष 2010 में 87,49,326, वर्ष 2009 में 82,34,896 और वर्ष 2008 में 67,92,223 श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था।
वर्ष 1986 में श्राइन बोर्ड का गठन किया गया था। इस वर्ष माता के भक्तों की वार्षिक संख्या 15 लाख से भी कम थी।