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तरुण्ा तेजपाल की मर्दानगी की जांच

Mon, 02 Dec 2013 11:50 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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तहलका के संस्थापक-संपादक तरुण तेजपाल को रेप के नए कानून के तहत सेक्सुअल पोटेंसी टेस्ट के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।
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इस बीच तेजपाल के वकील ने लॉकअप के बाहर पंखा लगाने की अर्जी दाख्रिल की है। गोवा पुलिस आज उन्हें मर्दानगी की जांच के लिए अस्पताल ले गई, जो यौन उत्पीड़न के मामले में अनिवार्य होता है।

अपनी महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार तहलका के संपादक तरुण तेजपाल को रविवार छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था। कल ही पुलिस हिरासत में उनसे पूछताछ शुरू हो चुकी है।
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छह दिनों की पुलिस हिरासत
ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) शमा जोशी ने तेजपाल को छह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिया। जबकि अभियोजन पक्ष ने उनसे 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी।

लोक अभियोजक फ्रांसिस टवेरा ने तेजपाल की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा था कि उनके अपराध की प्रकृति को देखते हुए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

जबकि तेजपाल के वकीलों ने पुलिस हिरासत का यह कह कर विरोध किया कि वह जांच में क्राइम बांच के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।

तहलका की एक महिला पत्रकार ने इसके संपादक तरुण तेजपाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसके मुताबिक तेजपाल ने 7 और 8 नवंबर को गोवा के एक फाइव स्टार होटल के लिफ्ट में उसका यौन उत्पीड़न किया।

इसके बाद तेजपाल को आईपीसी की धारा 354ए ( महिलाओं से छेड़छाड़) और धारा 376 (2)(के) (बंधक बना कर बलात्कार) के तहत गिरफ्तार किया गया।

याचिका हुई थी खारिज
शनिवार को तेजपाल की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्हें रात नौ बजे गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को दोपहर में उन्हें गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया।

तेजपाल की अंतरिम जमानत की याचिका के खिलाफ अपने आदेश में शनिवार को जज अनुजा प्रभुदेसाई ने कहा था, ‘यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के बयान और दोबारा पेश किए जाने वाले ई-मेल दस्तावेजों से सरसरी तौर पर यही लगा कि तेजपाल ने न सिर्फ उसके साथ छेड़खानी की बल्कि अपने पद का भी दुरुपयोग किया।
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तेजपाल उस लड़की के लिए मार्गदर्शक और पिता की तरह थे। उन्होंने उसके साथ विश्वासघात किया और उसके शरीर की अवमानना की।’

तेजपाल की अंतरिम जमानत नामंजूर करते हुए जज ने टिप्पणी कि 'तेजपाल लड़की के मार्गदर्शक और पिता की तरह थे। उन्होंने न सिर्फ उसके साथ छेड़खानी की बल्कि अपने पद का भी दुरुपयोग किया। तेजपाल ने उसके साथ विश्वासघात किया और उसके शरीर की अवमानना की।'

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