प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अच्छे दिन आने का भले ही दावा किया जा रहा हो, लेकिन केंद्रीय भूतल परिहवन एवं राजमार्ग मंत्रालय में शायद इसका असर नहीं है।
मंत्रालय की सड़क शाखा में एक ऐसे दागी अधिकारी को भरपूर अधिकारों से लैस कर दिया गया है, जिनपर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने भारी जुर्माना लगाने की सिफारिश की है।
सीवीसी की सिफारिश आते ही कायदे से उस अधिकारी को दंडित कर उन्हें सभी तरह के वित्तीय कामकाज, खास कर ठेकों से दूर रखना था, लेकिन वह अधिकारी इस समय करीब 25 राज्यों की हजारों करोड़ रुपये की परियोजना को देख रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक डीओ तावडे भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के करीबी माने जाते हैं, इसलिए सीवीसी के दंड के बावजूद उन्हें दंडित करना तो दूर, उन्हें सड़क शाखा में बेहद महत्वपूर्ण पद पर बैठा दिया गया है।