भाजपा की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को मनाने का दौर आज भी जारी रहा।
संसद में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, भाजपा नेता अनंत कुमार और बलबीर पुंज शनिवार को लालकृष्ण आडवाणी से मिले और उन्हें मनाने की कोशिश की।
नरेंद्र मोदी को शुक्रवार शाम भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी की ओर से पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था। इससे नाराज आडवाणी घोषणा के दौरान अनुपस्थित रहे। इससे पहले पूरे दिन आडवाणी को मनाने की कोशिश की गई थी।
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद आडवाणी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई थी। इसमें उन्होंने राजनाथ सिंह के कार्यसंचालन के तरीके को लेकर निराशा जाहिर की थी।
आज फिर आडवाणी को मोदी के नाम पर राजी करने के लिए सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और बलबीर पुंज ने आडवाणी से चर्चा की लेकिन वह नहीं माने।
हालांकि, जब सुषमा स्वराज से आडवाणी के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई भी नाराज नहीं है। उन्होंने आडवाणी की लिखी चिट्ठी पर बात होने से भी इनकार किया।
पीएम उम्मीदवार बनने के बाद मोदी भी आडवाणी से मिलने पहुंचे थे और आधे घंटे तक वो साथ रहे। इसके बाद आडवाणी ने राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था, जिसमें मोदी की उम्मीदवारी से नाराजगी पर भी उन्होंने पत्र में मोदी का नाम न लेकर राजनाथ सिंह की आलोचना की थी।