दो दशक तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंध मधुर रहे हैं, लेकिन अब सचिन तेंदुलकर की वजह से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई है।
कम से कम इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ज्योफ्री बॉयकॉट यही सोचते हैं। उनके अनुसार बीसीसीआई और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) के बीच मौजूदा विवाद के लिए सचिन तेंदुलकर का 200वां टेस्ट मैच जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सचिन का 200वां टेस्ट ही भारत और दक्षिण अफ्रीका के दौरे को लेकर पैदा हुए विवाद की असली वजह है। बीसीसीआई चाहता है कि दक्षिण अफ्रीकी दौरा छोटा किया जाए ताकि वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज खेलकर सचिन के 200 टेस्ट स्वदेश में ही पूरे कराए जा सकें।"
रिपोर्ट के अनुसार सीएसए के नए प्रमुख हारून लोगार्ट और भारतीय बोर्ड के बीच पहले से चला आ रहा विवाद भी दक्षिण अफ्रीकी दौरे में कटौती करने के पीछे एक वजह हो सकता है।
हालांकि विवाद सुलझाने के लिए दोनों बोर्ड के अधिकारियों की 16 औ 17 सितंबर को दुबई में बैठक होने वाली है जिसमें भारत के आगामी दौरे को लेकर बातचीत की जाएगी। लोगार्ट और
बॉयकॉट ने कहा, "सचिन एक अच्छे खिलाड़ी हैं और यह अच्छी बात है कि वह अपने 200 टेस्ट पूरे करना चाहते हैं लेकिन बीसीसीआई को इसके लिए दक्षिण अफ्रीकी दौरे में कटौती नहीं करनी चाहिए। दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड होने के नाते बीसीसीआई को अपनी पोजिशन का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए और न ही सचिन को इस विवाद के केंद्र में लाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि बीसीसीआई को सीएसए के साथ अपने दौरे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाना चाहिए क्योंकि इससे क्रिकेट बोर्ड को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के अपने प्रस्तावित दौरे में कुछ मैचों की संख्या कम कर दी है ताकि वह नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेल सके। इस सीरीज के जरिए सचिन अपने 200 टेस्ट पूरे करने की उपलब्धि हासिल कर लेंगे।