गैंगरेप घटना को लेकर राजधानी में हो रहे प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बीच भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने रविवार को इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं से हिंसा से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि यह समस्या का हल नहीं है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से इस मसले का हल खोजने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है। ट्वीटर पर पोस्ट किए गए ट्वीट में सुषमा ने लिखा, ‘कृपया, हिंसा का सहारा न लें। यह समस्या का समाधान नहीं है। यह हमारा देश है। यह हमारी समस्या है। निसंदेह, हम इसका समाधान निकालेंगे। मेरे युवा दोस्तों, हम आपकी भावनाओं का आदर करते हैं, आपका गुस्सा जायज हैं लेकिन कृपया हमें कुछ वक्त दीजिए।’
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को देर रात शहर और पुलिस स्टेशनों का दौरा करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि जब मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद संभाला था तब कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। मैंने लोगों से वादा किया था कि मैं रात में जाऊंगी ताकि दिल्ली वाले चैन से सो सकें। मैंने पूरी रात पुलिस स्टेशनों और शहर का दौरा किया था। समाचार पत्रों की हैडलाइन बदल गई थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री को भी ऐसा करना चाहिए। स्वराज 13 अक्तूबर से 3 दिसंबर 1998 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं।
भाजपा ने फिर की विशेष सत्र की मांग
भाजपा ने रविवार को एक बार फिर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा भी की। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावेडकर ने कहा कि युवाओं का प्रदर्शन यूपीए सरकार के लिए चेतावनी है जोकि महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था के मामले पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा भी की।