बंगलूरू धमाके में खुफिया एजेंसियों ने इस संभावना की जांच शुरू कर दी है कि कहीं इस आतंकी हरकत का ताल्लुक कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव से तो नहीं है।
एजेंसी का मानना है कि आतंकवादी चुनाव प्रक्रिया को गलत दिशा देने के मकसद से ऐसा कर सकते हैं।
इसके मद्देनजर गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बंगलूरू के भाजपा दफ्तर के पास हुए धमाके की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का ऐलान किया है।
धमाके के बाद शिंदे ने कोलकाता में दिए बयान में कहा है कि गृहसचिव आरके सिंह की अगुवाई में इस धमाके की गहन जांच की जाएगी।
हालांकि शिंदे ने इसे आतंकी वारदात होने से इंकार किया है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह एक आतंकी कार्रवाई है।
सूत्रों के मुताबिक धमाके की कम तीव्रता से उसके पीछे के मकसद व संदेश का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
संभव है कि कर्नाटक चुनाव से पहले और नामांकन भरने के आखिरी दिन वारदात कर आतंकी चुनावी प्रक्रिया को बिगाड़ने के अपने मंसूबे का संदेश देना चाह रहे हों।
हालांकि धमाके की तकनीकी जांच के लिए एनआईए, एनएसजी और राज्य पुलिस सक्षम हैं। लेकिन इसके पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए मैक और ज्वायंट इंटेलिजेंस ग्रुप जैसी उच्चस्तरीय एजेंसियों की मदद लेनी होगी।