सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में नया मोड़ आ गया है, क्योंकि इस मामले में गवाह रहे स्थानीय भाजपा नेता केएस राजन अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच कर्ताओं ने राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उनके बयान को गलत तरीके से रिकॉर्ड किया है।
उधर, इस मामले में कुरियन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। उन्हें पद से हटाने की मांग की जा रही है। भाजपा के राज्य सचिव राजन ने कोझीकोड में कहा कि सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में पुलिस उनका जो बयान कोर्ट में पेश किया है, वह उनके असली बयान से काफी अलग है।
गौरतलब है कि राजन के बयान के आधार पर ही पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता की ओर से कुरियन के ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। राजन के साथ मौजूद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी. मुरलीधरन ने कहा कि वे इस मामले में तत्कालीन एडीजीपी सिबी मैथ्यू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। वर्ष 1996 के इस मामले की छानबीन करने वाली टीम का नेतृत्व मैथ्यू ने ही किया था।
उधर, कुरियन के खिलाफ लेफ्ट और भाजपा की युवा तथा महिला शाखाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। वे कुरियन से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही इस मामले में कुरियन की संलिप्तता की नए सिरे से जांच कराने की मांग की जा रही है। इन सबके बीच, प्रदेश की कांग्रेस इकाई पूरी तरह से कुरियन के साथ है। पार्टी ने कुरियन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की निंदा की है।
कुरियन का इस्तीफे से इंकार
सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में चौतरफा विरोध झेल रहे राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन ने इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों की वजह से इस्तीफा देने से इंकार किया है। शुक्रवार को कुरियन ने कहा कि वे निर्दोष हैं।
उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी निर्दोष व्यक्ति को सिर्फ इसलिए अपना पद छोड़ देना चाहिए कि उसके ऊपर आरोप लगे हैं। कुरियन ने कहा कि अगर मैं अपने पद से इस्तीफा देता हूं तो इसका मतलब होगा कि मैंने अप्रत्यक्ष तौर पर स्वीकार कर लिया है कि मैं दोषी हूं।