केरल के चर्चित सूर्यनेल्ली गैंगरेप के मामले में घिरे राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। कांग्रेस हाईकमान फिलहाल देखो और इंतजार करो की रणनीति अपना रहा है। लेकिन यह मामला ज्यादा तूल पकड़ता है तो कुरियन की उपसभापति की कुर्सी भी जा सकती है। हाईकमान ने कुरियन को भी यह संदेश दे दिया है।
बुधवार को कांग्रेस की ओर से कुरियन के पक्ष या विपक्ष में कोई रुख जाहिर करने से परहेज किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। हालांकि पार्टी ने यह जरूर कहा है कि कुरियन इस मामले में निचली अदालत से बरी हो चुके हैं और अगर इस मामले को दुबारा खोला जाता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है।
कानून के सामने सभी बराबर है। मगर दूसरी तरफ पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि दिल्ली गैंगरेप के बाद जिस तरह से देशभर में माहौल बना है। उसे देखते हुए अगर यह मामला ज्यादा तूल पकड़ता है तो पार्टी और सरकार दोनों के लिए कुरियन का लंबे समय तक बचाव करना संभव नहीं होगा।
केरल में कुरियन का विरोध तेज
सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन की भूमिका की फिर जांच कराने की मांग को लेकर विपक्षी एलडीएफ ने केरल विधानसभा में हंगामा किया, जबकि बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। कई महिला संगठनों ने इस मांग को लेकर विधानसभा तक मार्च निकाला।
विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया गया। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि विपक्ष की मांग पर कानूनी राय लेने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।