कश्मीरी लड़कियों के रॉक बैंड ‘प्रगाश’ को ईरानी लड़कियों के बैंड ‘गजल’ का समर्थन मिला है। आईसीसीआर द्वारा आयोजित समारोह में परफॉर्म करने यहां आईं इन लड़कियों ने प्रगाश की सदस्यों को अपना जुनून कभी न छोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने साथ ही कहा कि कट्टरपंथी समाज वाले ईरान में उन्हें कभी इस तरह के फतवे का सामना नहीं करना पड़ा।
2010 में बने सात सदस्यों वाले गजल बैंड की अगुआई करने वाली सहर लोतफी ने कहा कि हमें प्रगाश के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। हम भारत में परफॉर्म कर काफी खुश हैं, लेकिन वे (प्रगाश बैंड की सदस्य) ऐसा क्यों नहीं कर सकतीं। सहर ने कहा कि कश्मीर की तुलना में ईरान में अधिक कट्टरपंथी समाज है, लेकिन वहां की महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने की आजादी है।
युवा कश्मीरी लड़कियों से सहानुभूति जताते हुए सहर ने उन्हें धमकियों से घबराकर पीछे नहीं हटने की सलाह भी दी। सहर के अनुसार उन्हें आगे बढ़ना चाहिए और शांति और प्यार का संदेश फैलाते रहना चाहिए।