दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या की आरोपी 80 साल की बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार न किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से कोर्ट के आदेश का अनुपालन न किए जाने पर निजी तौर पर जवाब-तलब किया है। एक साल पहले अदालत ने वृद्धा को जमानत दे दी गई थी। लेकिन बीते अक्टूबर में हुई सुनवाई में उसकी ओर से वकील पेश न होने पर जमानत रद्द करते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया गया था।
जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली बेंच ने हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए वकील से कहा कि 3 अक्टूबर को दहेज उत्पीड़न की वजह से आत्महत्या करने वाली महिला के पति करनैल सिंह और सास अंगरेज कौर की जमानत खारिज कर गिरफ्तारी का आदेश दिया गया था।
जवाब में वकील ने अनभिज्ञता जताई, जिस पर नाराज पीठ ने कहा कि राज्य सरकार वकीलों के चयन में योग्यता पर गौर नहीं करती है। प्रभावशाली लोगों के बच्चों को कानूनी लड़ाई की कमान सौंप दी जाती है, जो अदालत में पेश होते हैं। शीर्षस्थ अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश का अब तक अनुपालन क्यों नहीं किया गया।
इसका जवाब में राज्य के मुख्य सचिव 16 नवंबर तक कोर्ट में निजी तौर पर हलफनामा दाखिल करें और मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर तय कर दी। वहीं पीठ के समक्ष पति व सास की ओर से पेश हुए अधिवक्ता डीके गर्ग ने जमानत रद्द किए जाने के आदेश को वापस लिए जाने की मांग की।