सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कामों में बेवजह के हस्तक्षेप पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाते हुए हर जगह टांग नहीं अड़ाने को कहा है।
सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि हम देख रहे हैं कि मंत्रालय बेवजह हस्तक्षेप कर रहा है। यह पूरी तरह से अनुचित है, मंत्रालय अपने फैसले आयोग पर थोप नहीं सकता।
चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंत्रालय की यूजीसी की स्वायत्तता के आड़े आने पर कड़ी निंदा की। आयोग एक विधायी निकाय है, जो देश के शैक्षिक विश्वविद्यालयों के मानकों को बनाए रखने, समन्वय स्थापित करने के साथ निर्णय लेता है।
पीठ ने कहा कि हम देख रहे हैं कि मंत्रालय की ओर से बेवजह हस्तक्षेप किया जा रहा है। आप (मंत्रालय) यूजीसी पर कोई निर्णय थोप नहीं सकते क्योंकि आयोग एक स्वायत्त निकाय है और वैसे कार्य करने के लिए छोड़ दें, जैसा वह करना चाहे।
अदालत ने कहा कि यदि मंत्रालय हर स्तर पर नियंत्रण रखेगा तो एक अलग निकाय का क्या मतलब रह जाएगा। पीठ में जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस रोहिंगटन नरीमन शामिल है।