फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बागपत खाप मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने एसपी को किया तलब

विज्ञापन
विज्ञापन
ऊंची जाति की लड़की को भगाकर लाने पर खाप पंचायत द्वारा जारी तुगलकी फरमान से खौफजदा प्रेमी के परिजन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
विज्ञापन


परिजनों ने अपनी व्यथा सुप्रीम कोर्ट को सुनाई। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बागपत के एसपी को बुधवार को तमाम रिकॉर्ड के साथ पेश होने के लिए कहा है।

न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने जेल में बंद प्रेमी को भी बुधवार को पेश करने के लिए कहा है। एनडीपीएस मामले में वह जेल में है।

पीठ ने साथ ही संबंधित एसओ को भी तलब किया गया है। मालूम हो कि प्रेमी के परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया गया, जिस कारण परिजनों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है।

पीड़ित पक्ष की वकील रैबेका जॉन ने बताया कि न्यायमूर्ति ने अपने चैंबर में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कोर्ट ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि उनके खिलाफ कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है मामला

पीड़ित परिवार निचली जाति से है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। एक के बाद एक झूठे मुकदमे परिजनों पर दर्ज किए जा रहे हैं।

याचिका प्रेमी लड़के की बहन की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक उसके भाई और जाट समुदाय की एक लड़की के बीच प्यार हो गया।

अंतरजातीय प्रेम संबंध के सार्वजनिक होने पर घर वालों ने गत 10 फरवरी को जबरन लड़की की शादी हरियाणा के एक लड़के से कर दी। 22 अप्रैल को लड़की सुसराल छोड़कर मायके आ गई।

परिजनों के उत्पीड़न से तंग आकर लड़की अपने प्रेमी के साथ भाग गई लेकिन लड़की के परिजनों के भारी दबाव के कारण दो मई को प्रेमी युगल ने दिल्ली के महरौली थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।

लड़की ने बताया कि वह गर्भवती है और बच्चा प्रेमी से है। पुलिस को दिए अपने बयान में लड़की ने कहा कि उसे घरवालों से जान का खतरा है। बाद में लड़की को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। 19 मई को लड़की फिर से अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें