राजनेता, नौकरशाह और पत्रकारों के साथ एस्सार समूह के नापाक रिश्तों की जांच कराने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीआई को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा है।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार और सीबीआई को छह हफ्ते के भीतर जनहित याचिका में लगाए गए आरोपों पर अपना-अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इससे पहले याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पीठ को बताया कि एस्सार समूह के आंतरिक संवादों से पता चलता है कि कंपनी किस तरह वीआईपी के करीबी लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित रखती है।
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि कंपनी किस तरह से राजनेता, नौकरशाह और पत्रकारों को लाभ पहुंचाने के लिए कंपनी में कुछ पद आरक्षित रखती थी। कंपनी को यह भी अंदेशा था कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसे परेशानी झेलनी पड़ सकती है।