केंद्र सरकार ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी किए गए आदेश पर स्पष्टीकरण के साथ बदलाव की मांग की है।
सर्वोच्च अदालत में पेट्रोलियम मंत्रालय ने आवेदन दाखिल कर कहा है कि घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर छूट देने के लिए आधार जरूरी है।
इसके जुड़े रहने से सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को छूट मिलेगी। मंत्रालय ने अदालत से उस आदेश में संशोधन करने की मांग की है, जिसमें आधार कार्ड न होने पर सेवा या लाभ देने से प्राधिकारों को इनकार नहीं करने को कहा गया।
सर्वोच्च अदालत ने पेट्रोलियम मंत्रालय के आवेदन पर 8 अक्टूबर को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस पी.सदाशिवमे् की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मंत्रालय की ओर से सॉलिसीटर जनरल मोहन परासरन ने कहा कि आधार कार्ड रसोई गैस उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट से सीधे तौर पर जुड़ा है।
उपभोक्ताओं के खाते में छूट की राशि के स्थानांतरण के लिए आधार कार्ड जरूरी है। बिना छूट वाली किसी भी योजना के लिए आधार की जरूरत नहीं है। यह कार्ड सरकार से मिलने वाली छूट प्राप्त करने के लिए जरूरी है।
अदालत से आग्रह है कि आदेश को स्पष्ट कर संशोधन करे। याद रहे कि सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि कार्ड नहीं होने की स्थिति में देश के किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि यह एक स्वैच्छिक योजना है।