सुप्रीम कोर्ट ने यह जानना चाहा है कि न्यायिक दायरे में रहते हुए वेबसाइट्स पर सिखों पर चुटकुलों पर पाबंदी कैसे लगाई जा सकती है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और याचिकाकर्ता महिला वकील को इस संबंध में सुझाव देने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि आप चाहते है कि लोगों को संवेदनशील होने का निर्देश दिया जाए। आप इस संबंध में स्कूलों के लिए दिशानिर्देश बनाने की बात कह रहे हैं।
पीठ ने कहा कि अगर हम यह कहते हैं कि इस तरह के चुटकुले नहीं होने चाहिए लेकिन सवाल यह है कि हमारे इस आदेश का पालन कैसे होगा?
पीठ ने कहा कि हम नहीं चाहते है कि कोई आपका उपहास उड़ाए। कृपया हमें यह बताइए कि हम आपके लिए क्या कर सकते है। पीठ ने उन्हें छह हफ्ते में सुझाव देने के लिए कहा है।