पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भारत दौरे को अनाधिकारिक करार देते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद विवादास्पद मसलों में सफलता एक दिन में नहीं मिल सकती है।
पहले नींव तैयार करनी होगी, उसके बाद ही इन मुद्दों का हल संभव है। साथ ही उन्होंने निकट भविष्य में दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच आधिकारिक वार्ता होने की समय सीमा बताने से भी इंकार कर दिया।
विदेश मंत्री ने यह बात रविवार को यहां सीआईएसएफ के 44वें स्थापना दिवस समारोह के बाद प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही।
उन्होंने कहा कि किन्हीं भी दो देशों या पड़ोसियों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर सफलता एक दिन या किसी क्षण में हासिल नहीं की जा सकती है। इसमें वक्त लगता है। पाक पीएम के दौरे को उन्होंने अनौपचारिक बताते हुए कहा कि यह कोई आधिकारिक मुलाकात नहीं थी।
पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री ने मन की शांति के लिए हमारे देश के धार्मिक स्थल को चुना। उनकी अजमेर शरीफ जाने की इच्छा थी। भारतीय संस्कृति और शिष्टाचार के तहत ही पड़ोसी मुल्क के नेता का स्वागत किया गया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के कांग्रेस और भाजपा से जनता के मोहभंग होने के कथन पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वह आडवाणी जी का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने सीआईएसएफ में महिला जवानों की संख्या और बढ़ाने की वकालत की।