सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत की खबर नहीं मिली। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया।
हालांकि कोर्ट ने न्यूयॉर्क और लंदन स्थित होटलों को बेचकर पैसा एकत्र करने की अनुमति समूह को दे दी है ताकि पिछले आदेश के मुताबिक, 10 हजार करोड़ रुपये जमाकर नियमित जमानत हासिल कर सकें।
इसके लिए रॉय को पुलिस हिरासत में रोजाना 10 से 4 बजे तक बाहर जाने की इजाजत मिल सकती है।
निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने के मामले में गिरफ्तार किए गए सहारा प्रमुख करीब पांच महीने से जेल में बंद हैं। उन्होंने कोर्ट से जमानत या पैरोल दिए जाने की मांग की थी।
कोर्ट ने ठोस प्रस्ताव लाने को कहा
जमानत या पैरोल दिए जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत 10 से चार बजे संपत्ति बेचने के काम के लिए पुलिस हिरासत में रॉय को जेल से बाहर जाने की इजाजत देगी।
हालांकि साथ में यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति यह व्यवस्था करने के लिए अपरिपक्व है, क्योंकि अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव अदालत के समक्ष नहीं रखा गया है।
तीन जजों वाली पीठ ने समूह से कहा, "वह अदालत से यह मांग तब करे, जब उसके पास कोई ठोस प्रस्ताव हो और यह आश्वासन भी दे कि उसकी ओर से उचित प्रबंध किए गए हैं।"
4 मार्च से जेल में हैं सुब्रत रॉय
पीठ ने सहारा को न्यूयार्क स्थित होटल ड्रीम डाउनटाउन, द प्लाजा और लंदन स्थित ग्रोसवेनर हाउस समेत देश में स्थित नौ संपत्तियों को बेचने की अनुमति प्रदान कर दी।
सहारा प्रमुख ने सर्वोच्च अदालत से जेल से बाहर आने के लिए अंतरिम जमानत या पैरोल दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि नियमित जमानत हासिल करने के लिए उन्हें दस हजार करोड़ रुपये एकत्र करने हैं और उन्हें संपत्तियों को बेचने के लिए कम से कम चालीस दिन की जमानत या पैरोल दी जाए।
सुब्रत रॉय को अदालत ने निवेशकों का बीस हजार करोड़ रुपया लौटाने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने पर इसी साल 4 मार्च को जेल भेज दिया था।